आचार्य मुक्ति नारायण पांडेय अध्यात्म ज्योतिष परामर्श केंद्र रायपुर
बुधवार का पंचांग, Budhwar Ka Panchang, 30 सितम्बर 2026 का पंचांग,
बुधवार का पंचांग, Budhwar Ka Panchang, 30 सितम्बर 2026 का पंचांग,
Pandit Ji
By
Pandit Ji
September 28, 2026
3
49460
FacebookXPinterestWhatsApp
मंगलवार का पंचांगगुरुवार का पंचांग
बुधवार का पंचांग, Budhwar Ka Panchang, 30 सितम्बर 2026 का पंचांग,
Panchang, पंचाग, आज का पंचांग, aaj ka pancahng, Panchang 2026, हिन्दू पंचाग, Hindu Panchang,
पाँच अंगो के मिलने से बनता है, ये पाँच अंग इस प्रकार हैं :- 1:- तिथि (Tithi) 2:- वार (Day) 3:- नक्षत्र (Nakshatra) 4:- योग (Yog) 5:- करण (Karan)
पंचाग (panchang) का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना जाता है इसीलिए भगवान श्रीराम भी पंचाग (panchang) का श्रवण करते थे ।
जानिए बुधवार का पंचांग, Budhvar Ka Panchang, आज का पंचांग, aaj ka panchang,
बुधवार का पंचांग (Budhwar Ka Panchang)
30 सितम्बर 2026 का पंचांग, ( Panchang ), 30 September 2026 ka Panchang,
गणेश गायत्री मंत्र :
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
।। आज का दिन मंगलमय हो ।।
* दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
जीवन में कोई भी मनोकामना हो हनुमान जी के जन्मोत्सव के दिन अवश्य ही करें ये उपाय,
मित्रो हम पिछले 16 सालो से निरंतर पंचांग बनाते और इसका प्रचार प्रसार करते आ रहे है, अगर आप भी पंचांग को नित्य पढ़ना चाहते है और आप चाहते है कि आपके और दुसरो के पास भी नित्य पंचांग पहुँचता जाय तो कृपया हमारे नंबर 9044862881 को अपने किसी ना किसी ग्रुप से अवश्य ही जोड़ ले ।
कृपया इसे अपना फर्ज / धर्म समझकर, आप इस मैसेज को देखने के बाद इस पोस्ट / पेज का लिंक आगे ज्यादा से ज्यादा लोगो को शेयर करके सहयोग करें , जिससे लोग इस पंचांग के प्रसार – प्रसार में अपना भी बहुमूल्य योगदान दे सकें । ईश्वर अच्छे लोगो का सदैव ही साथ देता है उन पर अपनी कृपा बरसता है ।
आप सभी पर ईश्वर की सदैव असीम कृपा रहे । धन्यवाद
💰🔝💰🔝💰🔝💰🔝💰🔝💰🔝💰🔝💰
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
इस उपाय से शरीर रहेगा निरोगी, शक्ति रहेगी भरपूर, बुढ़ापा पास भी नहीं आएगा, जानिए रोगनाशक दिव्य आहार,
* बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।
बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाने तथा रात को सोते समय फिटकरी से दाँत साफ करने से आर्थिक पक्ष मजबूत होता है ।
जानिए बजरंग बलि के परिवार के बारे में, अवश्य जानिए हनुमान जी के माता पिता और उनके भाइयों के बारे में,
*विक्रम संवत् – 2083,
*शक संवत – 1948
*कलि संवत – 5128
*अयन – दक्षिणयायन
*ऋतु – वर्षा ऋतु
*मास – अश्विन माह
*पक्ष – कृष्ण पक्ष
*चंद्र बल – वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन,
बुधवार को बुध की होरा :-
प्रात: 06.13 AM से 7.13 AM तक
दोपहर 01.10 PM से 2.10 PM तक
रात्रि 20.09 PM से 21.10 PM तक
बुधवार को बुध की होरा में हाथ की सबसे छोटी उंगली और बुध पर्वत को हल्के हल्के रगड़ते हुए अधिक से अधिक बुध देव के मन्त्र का जाप करें ।
ज्योतिष, पढ़ाई, लिखाई, सीखने, वाकपटुता, अपना प्रभाव डालने और व्यापार में सफलता के लिए बुध की होरा अति उत्तम मानी जाती है ।
बुधवार के दिन बुध की होरा में बुध देव के मंत्रो का जाप करने से कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होते है, पूरे दिन शुभ फलो की प्राप्ति होती है ।
अवश्य पढ़ें :- पूरे वर्ष निरोगी काया के लिए सर्दियों में सेवन करें ये आहार,
आप बहुत ही सौभाग्य शाली है यदि आपको यह पंचाग नित्य पढ़ने को मिलता है,भारत की लगभग 150 करोड़ की आबादी में 0.001 % अर्थात लगभग 15 हज़ार आदमी ही नित्य पंचांग पढ़ पाते है।
आप पर ईश्वर की असीम कृपा है जो आपको नित्य पंचांग पढ़ने का, अपने भाग्य को प्रबल करने का, पापो के प्रायश्चित करने का अवसर मिल रहा है,
दुनिया के सारे उपाय एक तरफ है, और नित्य पंचाग पढ़ने का पुण्य उससे भी कहीं अधिक है,
इसलिए नित्य स्नान आदि के पश्चात सबसे पहले यह पंचाग पढ़े, इस पंचांग को आगे शेयर भी करें और पुण्य कमाएं । पंचांग को पढ़ने से यज्ञ करने के बराबर फल मिलता है ।
बुध देव के मन्त्र
“ॐ बुं बुधाय नमः” अथवा
“ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।।”
अवश्य जानिए कैसे और किससे हुआ हनुमान जी का विवाह, इनकी पुत्री है हनुमान जी की पत्नी,
🕉️💎🕉️💎🕉️💎🕉️💎🕉️💎🕉️
तिथि (Tithi) – चतुर्थी 14.55 PM तक तत्पश्चात पंचमी तिथि,
तिथि के स्वामी – चतुर्थी तिथि के स्वामी विघ्हर्ता गणेश जी और पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता जी है ।
आज चतुर्थी तिथि है । चतुर्थी तिथि के स्वामी देवताओं में प्रथम पूज्य, भगवान शिव और माता पार्वती के सबसे छोटे पुत्र भगवान गणेश जी माने गए हैं ।
हिन्दू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नविनाशक, बुद्धि के अधिपति और शुभारंभ के देवता के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। गणेश जी की उपासना के लिए चतुर्थी तिथि विशेष मानी जाती है।
मान्यता है कि किसी भी कार्य के प्रारम्भ में विघ्हर्ता की पूजा आराधना करने से सभी ग्रह दोष शांत होते है ।
नारद महापुराण के अध्याय 113 में चतुर्थी के व्रत और पूजा का वर्णन दिया गया है। जिस प्रकार पक्ष की तृतीया तिथि देवी से संबंधित मानी गई है, उसी प्रकार पक्ष की चतुर्थी भगवान गणपति गणेश जी को समर्पित है।
शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी और मंगलवार को पड़ने वाली चतुर्थी को अंगारक चतुर्थी कहते है, लेकिन भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का अलग ही महत्त्व है, इस दिन गणपति जी का अवतरण दिवस माना जाता है ।
चतुर्थी को गणपित जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके, लड्डुओं या गुड़ का भोग लगाकर “ॐ गण गणपतये नम:” मन्त्र की एक माला का जाप अवश्य करें ।
गणेश जी को मोदक / लड्डू, लाल रंग के फूल, दुर्वा (दूब), शमी-पत्र, और केला अति प्रिय है, बुधवार और चतुर्थी को गजानन को यह वस्तुएं अर्पित करने से जीवन में शुभ समय आता है ।
चतुर्थी को गणेश जी की आराधना से किसी भी कार्य में विघ्न नहीं आते है, कार्यो में श्रेष्ठ सफलता मिलती है ।
चतुर्थी को गणेश जी के परिवार के सदस्यों के नामो का स्मरण, उच्चारण करने से भाग्य चमकता है, शुभ समय आता है
यदि चतुर्थी तिथि यदि गुरुवार को पड़ती है तो मृत्युदा योग बनाती है, इस समय में शुभ कार्य करना वर्जित है।
लेकिन यदि चतुर्थी तिथि शनिवार को होती है तो वह सिद्धा कहलाती है। ऐसे समय में किया गया कार्य सिद्ध होता है।
चतुर्थी तिथि को रिक्ता तिथि कहते है इस दिन शुभ कार्यो का प्रारम्भ शुभ नहीं समझा जाता है ।
किसी भी पक्ष की चतुर्थी तिथि में मूली और बैंगन का सेवन करना मना है। चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है, और चतुर्थी को बैगन खाने से रोग बढ़ते है ।
जानिए कौन है भगवान विश्वकर्मा जी , अवश्य जाने इनके माता पिता, इनके पूरे परिवार के बारे में
इस तरह से मनाएं जन्माष्टमी का पर्व जीवन में लग जायेगा सुखो का अम्बार
नक्षत्र (Nakshatra) – भरणी नक्षत्र 07.36 AM तक तत्पश्चात कृतिका नक्षत्र
नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- भरणी नक्षत्र के देवता यमराज जी और नक्षत्र के स्वामी शुक्र जी है ।
भरणी नक्षत्र 27 नक्षत्रों में से दूसरा नक्षत्र है और त्रिकोण का प्रतीक है। यह नक्षत्र प्रकृति के स्त्री वाले पहलू को इंगित करता है।
भरणी नक्षत्र बलिदान, ईर्ष्या, सहनशीलता और शुद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। यह संयम का एक सितारा माना जाता है और गर्भ का प्रतिनिधित्व करता है। भरणी नक्षत्र सितारा का लिंग मादा है।
भरणी नक्षत्र का आराध्य वृक्ष आँवला और नक्षत्र स्वभाव क्रूर माना गया है ।
भरणी नक्षत्र में पैदा होने वाले एक बड़े दिल वाले व्यक्ति माने जाते हैं, यह लोगो की बातो का बुरा नहीं मानते है। आपकी ताकत आपकी मुस्कुराहट है आप हमेशा शांत और प्रसन्न रहते हैं। आप ईमानदार है और सकारात्मक रहते है। इनका पारिवारिक जीवन सुखमय रहता है ।
भरणी नक्षत्र के लिए भाग्यशाली संख्या 9, 3 और 12, भाग्यशाली रंग पीला, लाल, और हरा एवं भाग्यशाली दिन मंगलवार तथा गुरुवार माना जाता है ।
भरणी नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातको को तथा सभी मनुष्यों को जिस दिन भारणी नक्षत्र हो उस दिन नक्षत्र देवता नाममंत्र:- “ॐ यमाय् नमः” l मन्त्र की एक माला का जप करना चाहिए, इससे भारणी नक्षत्र के शुभ फल मिलते है ।
भरणी नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातको को भगवान शंकर जी की आराधना परम फलदाई है, इन्हे इस नक्षत्र के दिन महा मृत्युंजय मन्त्र की एक माला का जाप अवश्य करना चाहिए ।
जरूर पढ़े :- दुश्मनो से छुटकारा पाना हो अथवा कारोबार में चाहिए आशातीत सफलता हनुमान जयंती के दिन अवश्य ही करें ये उपाय,
अवश्य पढ़ें :- चाहिए परिवार में सुख-समृद्धि, प्रेम और आरोग्य तो ऐसा होना चाहिए किचन का वास्तु, जानिए किचन के वास्तु टिप्स
योग (Yog) – वज्र 12.20 AM गुरुवार 1 अक्टूबर तक
योग के स्वामी, स्वभाव :- वज्र योग के स्वामी वरुण जी और स्वभाव हानिकारक माना जाता है ।
प्रथम करण : – बालव 14.55 PM तक
करण के स्वामी, स्वभाव :- बालव करण के स्वामी ब्रह्म जी और स्वभाव सौम्य है ।
द्वितीय करण : – कौलव 01.45 AM गुरुवार 1 अक्टूबर तक
करण के स्वामी, स्वभाव :- कौलव करण के स्वामी मित्र और स्वभाव सौम्य है ।
ब्रह्म मुहूर्त : 04.37 AM से 5.25 AM तक
विजय मुहूर्त : 14.10 PM से 14.58 PM तक
गोधूलि मुहूर्त : 18.08 PM से 18.33 PM तक
अमृत काल : 03.48 PM से 05.17 AM गुरुवार 1 अक्टूबर तक
अग्निवास : पृथ्वी 14.55 PM तक तत्पश्चात आकाश
अग्निवास जब पृथ्वी पर होता है तो बहुत ही शुभ माना जाता है । शास्त्रों के अनुसार पृथ्वी पर अग्निवास होने पर हवन आदि करने से सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है, मनवांछित लाभ मिलता है ।
अग्निवास जब आकाश में होता है तो उस समय हवन आदि करना अशुभ माना जाता है, इस समय हवन करने से हानि होती है ।
शिव वास : कैलाश में 14.55 PM तक तत्पश्चात नंदी पर
शिव वास कैलाश पर:- जब भगवान भोलेनाथ जी कैलाश पर होते हैं, तो उस समय रुद्र अभिषेक करना बहुत शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान शंकर जी के कैलाश पर्वत पर रहने के दौरान रूद्र अभिषेक करने से सर्वत्र सुखो की प्राप्ति होती है।
शिव वास नन्दी जी पर :– जब भगवान भोलेनाथ नन्दी जी पर विराजमान होते हैं, तो उस समय रुद्र अभिषेक करना सदैव बहुत ही शुभ माना जाता है। शास्त्रों केअनुसार भगवान शंकर जी के नन्दी पर विराजमान के समय रूद्र अभिषेक करने से सर्वत्र सफलता, शुभ समाचारो की प्राप्ति होती है।
इन उपायों से धन संपत्ति खींची चली आएगी, किसी चीज़ का नहीं रहेगा अभाव
दिशाशूल (Dishashool)- बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।
इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
गुलिक काल : – बुधवार का गुलिक काल 10:30 AM से 12 PM बजे तक ।
राहुकाल (Rahukaal) : – बुधवार का राहुकाल दिन 12:00 PM से 1:30 PM तक ।
सूर्योदय – प्रातः 6.13 AM
सूर्यास्त – सायं 18.08 PM
विशेष – चतुर्थी को मूली का सेवन नहीं करना चाहिए, चतुर्थी को मूली का सेवन करने से धन का नाश होता है ।
पंचमी तिथि को बेल का सेवन नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि पंचमी को बेल का सेवन करने से अपयश मिलता है।
पंचमी तिथि को कर्ज भी नहीं देना चाहिए, पंचमी को कर्ज देने से धन डूब जाता है तथा धन के आगमन में भी रुकावटें आने लगती है ।
मुहूर्त :-
पर्व त्यौहार–
सबसे ज्यादा पढ़ी गयी :- ऐसा होगा घर के पूजा घर का वास्तु तो पूरी होंगी सभी मनोकमनाएं, जानिए पूजा घर के वास्तु टिप्स,
“हे आज की तिथि (तिथि के स्वामी), आज के वार, आज के नक्षत्र (नक्षत्र के देवता और नक्षत्र के ग्रह स्वामी ), आज के योग और आज के करण, आप इस पंचांग को सुनने और पढ़ने वाले जातक पर अपनी कृपा बनाए रखे, इनको जीवन के समस्त क्षेत्रो में सदैव हीं श्रेष्ठ सफलता प्राप्त हो “।
आप का आज का दिन अत्यंत मंगल दायक हो ।
मित्रो हम इस साईट के माध्यम से वर्ष 2010 से निरंतर आप लोगो के साथ जुड़े है। आप भारत या विश्व के किसी भी स्थान पर रहते है, अपने धर्म अपनी संस्कृति को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए www.memorymuseum.net के साथ अवश्य जुड़ें, हमारा सहयोग करें ।
अगर नित्य पंचाग पढ़ने से आपको लाभ मिल रहा है, आपका आत्मविश्वास बढ़ रहा है, आपका समय आपके अनुकूल हो रहा है तो आप हमें अपनी इच्छा – सामर्थ्य के अनुसार कोई भी सहयोग राशि 6306516037 पर Google Pay कर सकते है ।
आप पर ईश्वर का सदैव आशीर्वाद बना रहे ।
अवश्य जानिए :- नैत्रत्यमुखी भवन के वास्तु के अचूक उपाय,
30 सितम्बर 2026 का पंचांग, 30 September 2026 ka panchang, aaj ka panchang, aaj ka rahu kaal, aaj ka shubh panchang, Budhwar Ka Panchang, budhwar ka rahu kaal, budhwar ka shubh panchang, kal ka panchang, panchang, Wednesday ka panchang, आज का पंचांग, आज का राहुकाल, आज का शुभ पंचांग, कल का पंचांग, पंचांग, बुधवार का पंचांग, बुधवार का राहु काल, बुधवार का शुभ पंचांग, वेडनेस डे का पंचांग,
Suneel Pardal
Panchang & Vastu Consultant
दोस्तों यह साईट बिलकुल निशुल्क है। यदि आपको इस साईट से कुछ भी लाभ प्राप्त हुआ हो, आपको इस साईट के कंटेंट पसंद आते हो तो मदद स्वरुप आप इस साईट को प्रति दिन ना केवल खुद ज्यादा से ज्यादा विजिट करे वरन अपने सम्पर्कियों को भी इस साईट के बारे में अवश्य बताएं …..धन्यवाद ।
The most important thing about Acharya ji is that he helps people involved in life's troubles through internet or phone. Not only this, he is also very active on social media and keeps guiding people through his articles from time to time. Attention all the members who have joined and joined ?"Adhytma Jyotish Paramarsh Kendra in Shyam Nagar, Raipur-Mo. No.09425203501+07714070168
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
Aacharya Mukti Narayan Pandey Adhyatma Jyotish paramarsh Kendra Raipur
बुधवार का पंचांग, Budhwar Ka Panchang, 30 सितम्बर 2026 का पंचांग,
बुधवार का पंचांग, Budhwar Ka Panchang, 30 सितम्बर 2026 का पंचांग, मंगलवार का पंचांग गुरुवार का पंचांग बुधवार का पंचांग, Budhwar Ka Panchang,...
-
dhanteras ki kharidari, धनतेरस की खरीदारी, dhanteras 2022, dhanteras ki kharidari, धनतेरस की खरीदारी, धनतेरस हिन्दुओं का एक बहुत ही प्रमुख प...
-
साल 2022 में इन राशियों पर कृपा करेंगी धन की देवी मां लक्ष्मी, वरदान के समान साबित होंगे आने वाले 365 दिन साल 2022 में इन राशियों पर कृपा कर...
-
रक्षाबंधन के उपाय, Raksha bandhan ke upay, रक्षाबंधन 2022, By Pandit Ji रक्षाबंधन के उपाय, Raksha bandhan ke upay, Raksha bandhan 2022, 1...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Comment form message